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Salary vs Savings Account में क्या है फर्क? जानें ब्याज दर, मिनिमम बैलेंस और अन्य जरूरी बातें

On: 17 November, 2025
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Salary vs Saving account
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आज के समय में जब डिजिटल बैंकिंग तेजी से आगे बढ़ रही है, बैंक खाता (Bank Account) अब केवल लेन-देन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि वित्तीय प्रबंधन का एक अहम जरिया बन चुका है। चाहे वेतनभोगी कर्मचारी हों या स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति, हर किसी को अपनी जरूरतों के अनुसार बैंक अकाउंट की सही समझ होनी चाहिए। इसी संदर्भ में दो प्रमुख प्रकार के बैंक खाते—सैलरी अकाउंट (Salary Account) और सेविंग्स अकाउंट (Savings Account)—का नाम सामने आता है।

इन दोनों खातों में कई बुनियादी अंतर होते हैं जो उनके उपयोग, लाभ, नियम और शर्तों को प्रभावित करते हैं। यदि आप यह सोच रहे हैं कि आपके लिए कौन-सा अकाउंट बेहतर है, तो इस लेख में आपको विस्तार से समझाया जाएगा कि सैलरी और सेविंग्स अकाउंट में क्या अंतर है और किस स्थिति में कौन-सा अकाउंट आपके लिए उपयुक्त है।

Salary Account vs Saving Account

Salary Account क्या होता है?

सैलरी अकाउंट एक विशेष प्रकार का बैंक खाता होता है जिसे कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए खुलवाती है। इस खाते में हर महीने कर्मचारी का वेतन सीधे ट्रांसफर किया जाता है। अधिकतर मामलों में यह जीरो बैलेंस अकाउंट होता है, यानी इसमें न्यूनतम राशि बनाए रखने की बाध्यता नहीं होती। बैंक और कंपनी के बीच विशेष समझौते (Corporate Tie-up) के तहत यह खाता खोला जाता है।

Saving Account क्या होता है?

सेविंग्स अकाउंट एक सामान्य बैंक खाता है जिसे कोई भी व्यक्ति अपने व्यक्तिगत उद्देश्यों जैसे—बचत, जमा, लेन-देन, और ब्याज अर्जन—के लिए खोल सकता है। यह खाता सभी बैंकों और डाकघरों में उपलब्ध होता है और इस पर बैंक के नियमानुसार निश्चित ब्याज दर लागू होती है।

Salary और Saving Account में मुख्य अंतर

नीचे टेबल के माध्यम से दोनों खातों के बीच प्रमुख अंतर को समझा जा सकता है:

विशेषताSalary AccountSaving Account
उद्देश्यसैलरी प्राप्त करने हेतुव्यक्तिगत बचत के लिए
खाता खोलने वालाकंपनी के माध्यम से कर्मचारीकोई भी व्यक्ति
न्यूनतम बैलेंसजरूरी नहीं (शून्य बैलेंस सुविधा)आवश्यक, ₹500 – ₹10,000 तक
ब्याज दरसमान या थोड़ा कमकभी-कभी अधिक
कन्वर्जन3 माह सैलरी न आने पर सेविंग्स में बदलेअनुरोध करने पर सैलरी अकाउंट में बदला जा सकता है
ATM/नेट बैंकिंगउपलब्धउपलब्ध
क्रेडिट कार्ड ऑफरविशेष ऑफर मिल सकते हैंसामान्य ऑफर
ओवरड्राफ्ट सुविधाकई बैंकों में उपलब्धसीमित रूप में

Minimum Balance की शर्तें

Salary Account

  • ज्यादातर बैंक इस खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं रखते
  • यह शून्य बैलेंस खाता होता है, जिससे कर्मचारी पूरा पैसा निकाल सकता है।

Saving Account

  • बैंक के नियमों के अनुसार, न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना जरूरी होता है।
  • यह राशि शहर और बैंक के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है:
  • मेट्रो शहरों में: ₹5,000 – ₹10,000
  • ग्रामीण क्षेत्रों में: ₹500 – ₹2,000
  • न्यूनतम बैलेंस से कम होने पर पेनल्टी चार्ज लिया जाता है।

Interest Rates

ब्याज दर एक महत्वपूर्ण कारक है जो आपके खाते में जमा धन पर मिलने वाली आय को निर्धारित करता है।

Salary Account पर ब्याज

  • सामान्यत: 2.5% से 4% तक सालाना ब्याज।
  • कुछ बैंकों में सेविंग्स के समान ब्याज मिलता है।

Saving Account पर ब्याज

  • बैंक और अकाउंट टाइप के अनुसार ब्याज दर 3% से 6% तक हो सकती है।
  • डिजिटल सेविंग्स अकाउंट पर अक्सर उच्च ब्याज मिलती है।

खाता खोलने की प्रक्रिया

सैलरी अकाउंट

  • कंपनी या HR विभाग के माध्यम से खाता खोला जाता है।
  • जरूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो।
  • खुलने पर तुरंत ATM, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग आदि सुविधाएं उपलब्ध हो जाती हैं।

सेविंग्स अकाउंट

  • कोई भी व्यक्ति स्वयं खाता खोल सकता है।
  • बैंक की शाखा में जाकर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन किया जा सकता है।
  • व्यक्तिगत (Individual) या संयुक्त (Joint) रूप में खोला जा सकता है।

Account Conversion: एक से दूसरे में रूपांतरण

सैलरी अकाउंट से सेविंग्स अकाउंट में

  • यदि किसी कर्मचारी को 3 माह तक वेतन नहीं मिलता, तो बैंक सैलरी अकाउंट को सेविंग्स अकाउंट में बदल देता है
  • इसके बाद न्यूनतम बैलेंस रखने की शर्त लागू हो जाती है।

सेविंग्स अकाउंट से सैलरी अकाउंट में

  • यदि आप किसी कंपनी में शामिल होते हैं और उनका टाई-अप उसी बैंक से है जिसमें आपका सेविंग्स अकाउंट है, तो आप उसे सैलरी अकाउंट में बदलवा सकते हैं
  • इसके लिए बैंक में एक फॉर्म भरकर अनुरोध करना होता है।

अतिरिक्त लाभ और सेवाएं

सुविधासैलरी अकाउंटसेविंग्स अकाउंट
ATM कार्डहां (अक्सर फ्री)हां
नेट बैंकिंगहांहां
मोबाइल बैंकिंगहांहां
ओवरड्राफ्ट सुविधाअधिकतर बैंकों मेंसीमित
चेक बुकहांहां
क्रेडिट कार्ड ऑफरविशेष ऑफर मिलते हैंसामान्य ऑफर

प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें (2025)

बैंक का नामसेविंग्स अकाउंट दरसैलरी अकाउंट दर
SBI2.70%2.70%
HDFC Bank3.00% – 3.50%3.00%
ICICI Bank3.00%3.00%
Axis Bank3.00% – 4.00%3.00%
IDFC First Bank4.00% – 6.00%4.00%
Kotak Mahindra3.50% – 4.00%3.50%

नोट: उपरोक्त दरें समय और राशि के अनुसार बदल सकती हैं।

किसे कौन-सा अकाउंट चुनना चाहिए?

Salary Account तब चुनें जब:

  • आप किसी कंपनी में पूर्णकालिक कार्यरत हैं।
  • आपकी कंपनी का किसी बैंक से टाई-अप है।
  • आप न्यूनतम बैलेंस की चिंता किए बिना खाता संचालित करना चाहते हैं।

Saving Account तब चुनें जब:

  • आप फ्रीलांसर, स्वरोजगार या बिजनेस करते हैं।
  • आपकी आमदनी अनेक स्रोतों से होती है।
  • आप अपनी बचत पर उच्च ब्याज कमाना चाहते हैं।

Security और Transaction Limit

दोनों खातों में सुरक्षा मानकों में कोई खास फर्क नहीं होता। OTP आधारित ट्रांजेक्शन, पासवर्ड, बायोमैट्रिक लॉगिन, मोबाइल अलर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं।

हालांकि, सैलरी अकाउंट में निम्नलिखित अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकती हैं:

  • अधिक संख्या में फ्री ATM ट्रांजेक्शन।
  • क्रेडिट कार्ड पर बेहतर ऑफर।
  • म्यूचुअल फंड और बीमा प्रोडक्ट्स पर छूट।
  • ओवरड्राफ्ट लिमिट की सुविधा।

निष्कर्ष: समझदारी से अकाउंट का चयन करें

सैलरी और सेविंग्स अकाउंट दोनों की अपनी उपयोगिता है। एक ओर सैलरी अकाउंट नौकरीपेशा लोगों के वेतन को सरलता से प्रबंधित करता है, वहीं सेविंग्स अकाउंट आपको लंबे समय तक धन संचय करने और उस पर ब्याज प्राप्त करने का माध्यम देता है।

सही बैंक और खाता चुनना आपकी वित्तीय योजना को मजबूती प्रदान कर सकता है। यदि आप वेतनभोगी हैं, तो सैलरी अकाउंट आपके लिए सुविधाजनक है। वहीं, यदि आप बचत को प्राथमिकता देते हैं और नियमित आय चाहते हैं, तो सेविंग्स अकाउंट एक बेहतर विकल्प है।

चाहे सैलरी अकाउंट हो या सेविंग्स अकाउंट, दोनों का चुनाव सोच-समझकर करें। इन खातों के उपयोग में संतुलन बनाकर आप न केवल अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत फाइनेंशियल प्लान तैयार कर सकते हैं।

Rohit Saini

Founder & Chief Editor, BulletinBull.com With a commitment to timely and reliable journalism, Bulletin Bull has become one of India’s most trusted digital media platforms—driven by his clear vision and strong leadership.

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