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Business के लिए Personal Loan लेने से पहले इन 5 जरूरी बातों पर जरूर दें ध्यान

On: 9 November, 2025
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Personal Loan
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आज के समय में पर्सनल लोन न केवल व्यक्तिगत जरूरतों बल्कि छोटे व्यवसायों की फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने के लिए भी एक लोकप्रिय विकल्प बन गया है। कई कारोबारी जब तत्काल कैश की जरूरत महसूस करते हैं, तब बिजनेस लोन की लंबी प्रक्रिया और दस्तावेज़ीकरण से बचने के लिए पर्सनल लोन का रुख करते हैं।

हालांकि, पर्सनल लोन का उपयोग बिजनेस के लिए करना सुविधाजनक जरूर हो सकता है, लेकिन इसके कुछ जोखिम और सीमाएं भी होती हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि अगर आप अपने बिजनेस के लिए पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो किन 5 प्रमुख पहलुओं को गंभीरता से समझना जरूरी है।

1. Personal loan की तुरंत मंजूरी

बिजनेस ऑपरेशन में अचानक पैसे की जरूरत किसी भी समय उत्पन्न हो सकती है। जैसे–

  • क्लाइंट डील को फाइनल करने के लिए
  • अचानक इन्वेंट्री या रॉ मटेरियल खरीदने के लिए
  • इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल की जरूरत

ऐसे में पारंपरिक बिजनेस लोन की तुलना में पर्सनल लोन एक सरल और तेज विकल्प बन जाता है।

यह सुविधा फायदेमंद क्यों है?

  • त्वरित प्रोसेसिंग: कई बैंक और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म 24 से 48 घंटे के भीतर लोन मंजूर कर देते हैं।
  • कम दस्तावेजों की आवश्यकता: आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और इनकम प्रूफ जैसे सीमित डॉक्युमेंट्स ही काफी होते हैं।
  • ऑनलाइन आवेदन की सुविधा: घर बैठे ही लोन के लिए अप्लाई और अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

यह सुविधा विशेष रूप से उन छोटे उद्यमियों के लिए उपयोगी होती है जिन्हें अचानक नकदी की आवश्यकता होती है, लेकिन बैंकिंग औपचारिकताओं में देरी नहीं चाहिए।

2. बिना गारंटी के Loan

पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड लोन होता है, यानी इसमें आपको अपनी कोई संपत्ति (जैसे जमीन, गाड़ी, दुकान आदि) गिरवी नहीं रखनी होती।

इसके फायदे:

  • कोई कॉलेटरल की जरूरत नहीं
  • लोन लेने की प्रक्रिया सरल
  • सभी प्रकार के प्रोफेशनल्स और व्यवसायी आवेदन कर सकते हैं

लेकिन क्या हैं जोखिम?

  • ब्याज दर काफी अधिक होती है – आम तौर पर 10% से लेकर 24% तक
  • लोन अवधि सीमित होती है, जिससे EMI राशि ज्यादा बन सकती है
  • बैंक की शर्तें सख्त होती हैं, खासकर कम क्रेडिट स्कोर वालों के लिए

इसलिए लोन लेने से पहले EMI, ब्याज दर, और पुनर्भुगतान अवधि की बारीकी से गणना कर लें। बेहतर होगा कि आप EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें और अपने कैश फ्लो के अनुसार लोन टेन्योर तय करें।

3. Loan लिमिट की सीमा

पर्सनल लोन की एक बड़ी सीमा यह है कि इसकी लोन राशि सीमित होती है।

सामान्य सीमा:

  • ₹50,000 से लेकर अधिकतम ₹10 लाख तक ही
  • उच्च क्रेडिट स्कोर और आय वाले ग्राहक ₹20 लाख तक का लोन पा सकते हैं

अगर आपकी बिजनेस जरूरतें इससे ज्यादा की हैं, जैसे मशीनरी खरीदना या बड़ा ऑर्डर फुलफिल करना, तो पर्सनल लोन पर्याप्त नहीं होगा।

क्या करें?

  • पहले अपनी फाइनेंशियल जरूरतों की स्पष्ट गणना करें
  • देखें कि पूरी रकम एक ही बार में चाहिए या चरणबद्ध
  • विकल्पों की तुलना करें: बिजनेस लोन, वर्किंग कैपिटल लोन, ओवरड्राफ्ट या क्रेडिट लाइन

अगर जरूरत अधिक है और नियमित कैश फ्लो है, तो बेहतर होगा कि आप बिजनेस लोन की योजना बनाएं।

4. Credit Score पर असर

पर्सनल लोन आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को सीधे प्रभावित करता है। खासतौर से तब जब आप इसे बिजनेस के लिए उपयोग कर रहे हों।

EMI समय पर देने से:

  • CIBIL स्कोर बेहतर होता है
  • भविष्य में अन्य लोन (होम लोन, ऑटो लोन) मिलने में आसानी
  • ब्याज दरें कम मिल सकती हैं

लेकिन भुगतान में चूक से:

  • क्रेडिट स्कोर गिरता है
  • बैंक/एनबीएफसी पेनल्टी लगाते हैं
  • भविष्य में लोन अप्रूवल में दिक्कतें आती हैं

सलाह: EMI का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए ऑटो-डेबिट सुविधा का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही अपने बजट में EMI का भार पहले से प्लान करें।

5. Tax लाभ

आम तौर पर पर्सनल लोन पर टैक्स छूट नहीं मिलती। लेकिन यदि आप यह सिद्ध कर पाते हैं कि आपने यह लोन केवल और केवल बिजनेस उद्देश्यों के लिए लिया है, तो उस पर लगे ब्याज को खर्च के रूप में क्लेम किया जा सकता है।

कैसे करें दावा?

  • लोन राशि सीधे बिजनेस अकाउंट में ट्रांसफर हो
  • खर्च संबंधित दस्तावेजों (इनवॉइस, बिल, बैंक स्टेटमेंट) का रिकॉर्ड रखें
  • किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से टैक्स प्लानिंग करवाएं

ध्यान दें, अगर आप पर्सनल उपयोग (जैसे यात्रा, शॉपिंग) में इसका उपयोग करते हैं, तो यह टैक्स में शामिल नहीं किया जा सकता और आपकी फाइलिंग में सवाल उठ सकते हैं।

अतिरिक्त सुझाव – समझदारी से करें फाइनेंशियल प्लानिंग

1. बैंकों और NBFCs की तुलना करें

  • ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज आदि में भारी अंतर हो सकता है।
  • कई बैंक फेस्टिव सीजन में ऑफर देते हैं – बिना प्रोसेसिंग फीस या कम ब्याज पर।

2. Loan tenure ध्यान से चुनें

  • लंबी अवधि से EMI कम होती है लेकिन कुल ब्याज अधिक
  • कम अवधि से जल्दी लोन खत्म होगा लेकिन मासिक बोझ बढ़ेगा

3. Credit Score मेंटेन करें

  • 750 से ऊपर स्कोर होने पर जल्दी अप्रूवल और बेहतर ब्याज दर मिलती है
  • कम स्कोर वाले पहले छोटे लोन लेकर अपनी प्रोफाइल सुधारें

4. अनावश्यक उधारी से बचें

  • बिना वजह लोन लेकर उसे निजी खर्चों में लगाना आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है
  • केवल जरूरी बिजनेस एक्सपेंसेज के लिए ही लोन लें

5. EMI की प्लानिंग करें

  • देरी से न केवल ब्याज बल्कि कानूनी असर भी पड़ सकता है
  • डिफॉल्ट करने पर भविष्य के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स तक पहुंच सीमित हो सकती है

निष्कर्ष: क्या Business के लिए Personal Loan लेना सही है?

अगर आपके पास समय की कमी है, दस्तावेज पूरे नहीं हैं और फंड की जरूरत तत्काल है – तो बिजनेस के लिए पर्सनल लोन एक व्यवहारिक विकल्प बन सकता है।

हालांकि, इसके फायदे और सीमाएं दोनों को समझना आवश्यक है।

  • बिना गारंटी के लोन लेना आसान तो है लेकिन ब्याज अधिक
  • लिमिट तय होती है, जो बड़े कारोबार के लिए पर्याप्त नहीं
  • EMI में देरी से क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर

इसलिए, किसी भी निर्णय से पहले पूरी वित्तीय योजना बनाएं, भविष्य की संभावनाओं का आकलन करें और जरूरी हो तो किसी फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लें। यदि योजना सही हो और भुगतान अनुशासित तरीके से किया जाए, तो यह लोन आपके व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।

Rohit Saini

Founder & Chief Editor, BulletinBull.com With a commitment to timely and reliable journalism, Bulletin Bull has become one of India’s most trusted digital media platforms—driven by his clear vision and strong leadership.

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