---Advertisement---

Mutual Funds में महिलाओं की बढ़ती दिलचस्पी: जानिए निवेश का ये नया ट्रेंड क्यों हो रहा है लोकप्रिय

On: 4 November, 2025
Follow Us:
Mutual Funds में महिलाओं की बढ़ती दिलचस्पी
---Advertisement---

भारत में निवेश की दुनिया में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। परंपरागत बचत योजनाओं से आगे बढ़ते हुए आज निवेशक अधिक आधुनिक, स्मार्ट और रिटर्न-केंद्रित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। इस बदलते परिदृश्य में महिलाओं का म्यूचुअल फंड निवेश एक उभरता हुआ ट्रेंड बन गया है, जिसने वित्तीय दुनिया में एक नया आयाम जोड़ दिया है।

वित्त वर्ष 2025 (FY25) में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने न केवल रिकॉर्ड संपत्ति जुटाई, बल्कि इसमें महिलाओं की भागीदारी भी ऐतिहासिक रूप से बढ़ी। AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) की रिपोर्ट बताती है कि इस वर्ष कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 65.74 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें महिलाओं की भूमिका उल्लेखनीय रही।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि महिलाएं म्यूचुअल फंड्स में इतनी दिलचस्पी क्यों ले रही हैं, कौन-से कारक इस बदलाव को बढ़ावा दे रहे हैं, और कैसे यह रुझान आने वाले समय में भारतीय निवेश प्रणाली को नया आकार दे सकता है।

Contents

Mutual Fund क्या होते हैं और क्यों हैं आकर्षक?

म्यूचुअल फंड एक प्रकार का सामूहिक निवेश साधन है, जिसमें कई निवेशकों से पैसा इकट्ठा कर प्रोफेशनल फंड मैनेजर उसे अलग-अलग शेयर, डेट इंस्ट्रूमेंट्स, बॉन्ड और अन्य वित्तीय साधनों में लगाते हैं। इसका उद्देश्य निवेशकों के लिए जोखिम का संतुलन बनाते हुए बेहतर रिटर्न अर्जित करना होता है।

Mutual Funds के मुख्य प्रकार:

  1. इक्विटी म्यूचुअल फंड्स – उच्च रिटर्न, उच्च जोखिम
  2. डेट म्यूचुअल फंड्स – स्थिर आय, कम जोखिम
  3. हाइब्रिड/बैलेंस्ड फंड्स – इक्विटी और डेट का मिश्रण
  4. मनी मार्केट फंड्स – अल्पकालिक निवेश के लिए

इनमें से निवेशक अपने निवेश लक्ष्य, समयावधि और जोखिम सहिष्णुता के आधार पर चुनाव कर सकते हैं।

FY25 में Mutual Fund का ऐतिहासिक प्रदर्शन

2025 का वित्तीय वर्ष म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए रिकॉर्ड बनाने वाला साबित हुआ। AMFI के आंकड़ों के अनुसार:

  • कुल AUM: ₹65.74 लाख करोड़ (2024 में ₹53.40 लाख करोड़)
  • वार्षिक वृद्धि: लगभग 23%
  • नए निवेश का प्रवाह: ₹8.15 लाख करोड़

यह वृद्धि मुख्य रूप से इक्विटी बाजार में तेजी, निवेशकों के बढ़ते भरोसे और जागरूकता अभियानों का परिणाम रही है।

निवेशकों की बढ़ती संख्या में महिलाओं की विशेष भागीदारी

मार्च 2025 तक:

  • कुल फोलियो: 23.45 करोड़
  • यूनिक निवेशक: 5.34 करोड़
  • इनमें से 26% महिलाएं यानी लगभग 1.38 करोड़

2024 में यह आंकड़ा 24.2% था, जिससे स्पष्ट है कि महिलाओं में म्यूचुअल फंड्स को लेकर जागरूकता और सक्रियता तेजी से बढ़ रही है।

क्यों कर रही हैं महिलाएं Mutual Funds में बढ़-चढ़कर निवेश?

1. आर्थिक स्वतंत्रता और वित्तीय साक्षरता में वृद्धि

शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं। वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर कार्यस्थलों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता मिली है, और वे अपने पैसे को नियंत्रित करने व बढ़ाने की दिशा में सजग हुई हैं

2. परंपरागत बचत से आगे बढ़कर स्मार्ट निवेश की ओर रुझान

बचत खाता, एफडी, या सोना जैसे पारंपरिक विकल्प अब अकेले पर्याप्त नहीं लगते। महिलाएं अब बेहतर रिटर्न देने वाले विकल्पों की तलाश में हैं, और म्यूचुअल फंड्स उन्हें विविधता, तरलता और कंपाउंडिंग का लाभ एक साथ देते हैं

3. टेक्नोलॉजी ने किया निवेश को सरल

आज म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन पोर्टल्स के जरिए बेहद आसान हो गया है। महिलाएं अपने समय और सुविधा के अनुसार, घर बैठे निवेश का प्रबंधन कर सकती हैं।

SIP: महिलाओं की पहली पसंद बनता निवेश तरीका

Systematic Investment Plan (SIP) महिलाओं के लिए एक बेहद उपयुक्त निवेश माध्यम बन चुका है। यह एक ऐसा प्लान है जिसमें हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड्स में निवेश की जाती है।

FY25 में SIP से जुड़े कुछ अहम आंकड़े:

  • SIP निवेशकों की संख्या में 45.24% की वृद्धि
  • SIP के माध्यम से कुल निवेश: ₹2.89 लाख करोड़
  • SIP AUM: ₹13.35 लाख करोड़ (कुल AUM का 20.31%)

SIP क्यों है महिलाओं के लिए फायदेमंद?

  • छोटे-छोटे मासिक निवेश से फंड निर्माण
  • नियमितता और अनुशासन
  • बाजार के उतार-चढ़ाव में जोखिम कम
  • लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का असर

Equity mutual funds में महिलाओं की भागीदारी

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स अधिक जोखिम वाले होते हैं, लेकिन समय के साथ उच्च रिटर्न भी प्रदान करते हैं। FY25 में इसमें ₹4.17 लाख करोड़ का निवेश हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना से अधिक है।

महिलाएं अब इन उच्च रिटर्न वाले विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रही हैं, जिससे पता चलता है कि उनका निवेश ज्ञान और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है।

Debt mutual funds: सुरक्षित निवेश की ओर रुझान

डेट फंड्स कम जोखिम वाले होते हैं और नियमित आय प्रदान करते हैं। FY25 में ₹1.38 लाख करोड़ का निवेश इस श्रेणी में दर्ज किया गया। ये फंड उन महिलाओं के लिए आदर्श हैं जो स्थिरता और पूंजी की सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं।

महिलाओं के बढ़ते निवेश के पीछे प्रमुख कारक

1. निवेश के प्रति मानसिकता में बदलाव

अब महिलाएं केवल घर के खर्च तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। वे लंबी अवधि की योजना बनाना चाहती हैं – जैसे बच्चों की शिक्षा, शादी, घर खरीदना, रिटायरमेंट आदि।

2. कम जोखिम, उच्च संभावनाएं

म्यूचुअल फंड्स में निवेश उन्हें अपेक्षाकृत कम जोखिम के साथ विविध निवेश विकल्प देता है। वे अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार डेट, इक्विटी या हाइब्रिड फंड्स चुन सकती हैं।

3. फाइनेंशियल प्लानिंग में स्वतंत्रता

महिलाएं अब अपने वित्तीय निर्णय स्वयं लेना चाहती हैं। म्यूचुअल फंड्स इस दिशा में उन्हें स्वतंत्रता और सशक्तिकरण प्रदान करते हैं।

Mutual Fund में निवेश की प्रक्रिया: आसान और प्रभावी

यदि आप भी म्यूचुअल फंड्स में निवेश शुरू करना चाहती हैं, तो ये हैं मुख्य कदम:

  1. वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करें: बच्चों की शिक्षा, कार खरीद, रिटायरमेंट, आदि
  2. जोखिम प्रोफाइल समझें: कितनी जोखिम उठा सकती हैं?
  3. फंड चयन करें: डेट, इक्विटी या हाइब्रिड
  4. SIP या लंपसम चुनें: जरूरत के अनुसार निवेश तरीका तय करें
  5. KYC पूरा करें: आधार और पैन से KYC ऑनलाइन किया जा सकता है
  6. नियमित मॉनिटरिंग करें: निवेश की प्रगति पर नजर रखें

महिलाओं के लिए Mutual Fund निवेश के विशेष लाभ

लाभविवरण
आर्थिक आत्मनिर्भरतावित्तीय स्वतंत्रता का माध्यम
कम प्रारंभिक राशिSIP से ₹500 से भी शुरुआत संभव
लचीलापन और तरलताजरूरत पड़ने पर पैसा निकालना आसान
टैक्स लाभELSS फंड्स में निवेश से 80C के तहत छूट
लंबी अवधि में बेहतर रिटर्नकंपाउंडिंग का असर अधिक होता है

निष्कर्ष: महिलाओं का Mutual Fund निवेश

भारतीय महिलाओं का म्यूचुअल फंड्स की ओर बढ़ता झुकाव केवल एक निवेश ट्रेंड नहीं, बल्कि वित्तीय सशक्तिकरण की ओर एक मजबूत कदम है। महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे वित्तीय निर्णयों में पीछे नहीं, बल्कि अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं।

आज म्यूचुअल फंड्स सिर्फ वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को साकार करने का एक माध्यम बन चुके हैं। SIP, ऑनलाइन निवेश सुविधा, कम निवेश सीमा और विविध विकल्पों के चलते यह एक बेहद आकर्षक विकल्प बन गया है।

अगर आप भी अपने भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाना चाहती हैं, तो आज ही म्यूचुअल फंड्स में निवेश की शुरुआत करें – सोच-समझकर, योजना बनाकर, और आत्मविश्वास के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: महिलाओं के लिए Mutual Fund में निवेश क्यों फायदेमंद है?

Mutual Fund महिलाओं को छोटे निवेश से शुरुआत करने, विविधता के माध्यम से जोखिम कम करने और बेहतर रिटर्न अर्जित करने का मौका देते हैं। इसके अलावा यह वित्तीय आत्मनिर्भरता और योजना बनाने में मदद करते हैं।

Q2: क्या Mutual Fund में निवेश सुरक्षित है?

म्यूचुअल फंड्स बाजार आधारित होते हैं, इसलिए इनमें जोखिम होता है। हालांकि सही फंड चयन, समयावधि और SIP के जरिए निवेश जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Q3: क्या Mutual Fund में Tax छूट मिलती है?

हां, ELSS (Equity Linked Saving Scheme) जैसे फंड्स में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है।

Q4: क्या गृहिणियां भी Mutual Fund में निवेश कर सकती हैं?

बिल्कुल। गृहिणियां अपने बचत पैसों से SIP शुरू कर सकती हैं। KYC प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे भी निवेशक बन सकती हैं।

Q5: SIP और Lumpsum में क्या अंतर है?

SIP में नियमित मासिक निवेश किया जाता है, जबकि लंपसम में एक साथ बड़ी राशि का निवेश किया जाता है। SIP बाजार के उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम करता है।

नोट: निवेश करते समय हमेशा अपनी जोखिम प्रोफाइल, वित्तीय लक्ष्य और समयावधि को ध्यान में रखें। आवश्यकता हो तो किसी वित्तीय सलाहकार से मार्गदर्शन जरूर लें।

Rohit Saini

Founder & Chief Editor, BulletinBull.com With a commitment to timely and reliable journalism, Bulletin Bull has become one of India’s most trusted digital media platforms—driven by his clear vision and strong leadership.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now