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Education Loan Guide: अगर माता-पिता हैं Defaulter तो भी ऐसे मिलेगा Loan – जानिए आसान तरीका

On: 31 October, 2025
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Education Loan Guide
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आज के बढ़ते शिक्षा खर्च के दौर में एजुकेशन लोन लगभग हर छात्र की ज़रूरत बन गया है। लेकिन अगर आपके माता‑पिता किसी लोन पर पहले से डिफॉल्ट हुए हैं, तो एजुकेशन लोन लेना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। क्या ऐसी परिस्थिति में भी छात्र को लोन मिल सकता है? बैंक और वित्तीय संस्थान इस मामले को कैसे देखते हैं? इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि माता‑पिता डिफॉल्टर होने पर एजुकेशन लोन मिलना संभव है या नहीं, किन परिस्थितियों में यह संभव होता है, और ऐसे केस में छात्र को कौन‑से वैकल्पिक रास्ते मिल सकते हैं।

1. Bank Education Loan देने से पहले किन पहलुओं को देखते हैं?

एजुकेशन लोन प्रदान करते समय बैंक निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखते हैं:

  • छात्र की योग्यता और कोर्स
    — प्रवेश प्राप्त संस्थान (सरकारी या मान्यता प्राप्त; IIT, IIM, मेडिकल कॉलेज, आदि)
    — कोर्स की अवधि और भविष्य की प्लेसमेंट संभावनाएं
  • सह‑आवेदक/गारंटर की प्रोफाइल
    — सह‑आवेदक का CIBIL स्कोर, आय और वर्तमान कर्ज
    — यदि माता‑पिता डिफॉल्टर हैं, तो बैंक को भरोसे की कमी हो जाती है
  • रिस्क एनालिसिस के आधार पर लोन की शर्तें
    — उच्च ब्याज दर, अधिक दस्तावेज़, अतिरिक्त गारंटी, या outright रिजेक्शन

सरकारी बैंक क्रेडिट इतिहास का सख्ती से निरीक्षण करते हैं। यदि गारंटर डिफॉल्टर हो, तो लोन अप्रूवल इतना ही मुश्किल हो जाता है।

2. माता‑पिता के Defaulter होने पर गारंटर बनने का क्या प्रभाव होता है?

जब मूल गारंटर (अक्सर छात्र के माता‑पिता) डिफॉल्टर पाए जाते हैं, तो बैंक की नज़र में जोखिम बढ़ जाता है। इसका प्रभाव:

  • लोन आवेदन की रिजेक्शन संभावना
  • ब्याज दर में वृद्धि
  • सिक्योरिटी या सिक्योरिटी जमा की मांग
  • अतिरिक्त दस्तावेज़ों की आवश्यकता

क्षेत्र के अलग-अलग बैंक और NBFCs अलग‑अलग तरीके अपनाते हैं—जहाँ सरकारी बैंक मुश्किल से मंज़ूरी देते हैं, वहीं कुछ निजी संस्थान थोड़ी लचीलापन दिखा सकते हैं।

3. क्या छात्र के नाम पर भी Education Loan मिल सकता है?

कुछ खास परिस्थितियों में छात्र अपने नाम पर भी लोन प्राप्त कर सकता है:

(i) खुद की नियमित आय होने पर

छात्र के पास पार्ट‑टाइम नौकरी हो या कोई स्थिर स्रोत (जैसे ट्यूटरिंग, फ्रीलांसिंग आदि), तो कुछ बैंक/ NBFC इसे गारंटी मान सकते हैं।

(ii) तीसरे गारंटर का सहयोग

अगर कोई रिश्तेदार या विश्वसनीय व्यक्ति गारंटर बनता है और उसका CIBIL अच्छा है, तो लोन की संभावना बढ़ जाती है।

(iii) उत्कृष्ट संस्थान में प्रवेश

IIT, IIM, एम्स, एनआईटी, मेडिकल कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों के लोन अप्रूवल की संभावना अधिक होती है, क्योंकि इनकी प्लेसमेंट दर और औसत पैकेज अच्छी होती है।

4. माता‑पिता Defaulter होने पर Education Loan के विकल्प

4.1 Government Schemes and Portals

Vidya Lakshmi Portal शुरू में कई बैंक एकीकृत लोन सुविधा प्रदान करता है। यहाँ क्रेडिट हिस्ट्री की शर्तें थोड़ी नरम होती हैं।

4.2 Scholarships and Grants

सरकारी योजनाएं (Central/State scholarships) और निजी scholarships/grants डिफॉल्टर परिवारों की मदद करती हैं।

4.3 NBFC (Non-Banking Financial Companies)

Avanse, InCred, Auxilo जैसी कंपनियाँ पारंपरिक बैंक की तुलना में रिलैक्स्ड होती हैं, जबकि ब्याज दर थोड़ी अधिक होती है।

4.4 College-Based Financing

कई शैक्षणिक संस्थान खुद की फाइनेंसिंग प्रदान करते हैं, जहाँ क्रेडिट इतिहास कम भूमिका निभाता है।

5. Education Loan से पहले क्या करें

  1. क्रेडिट स्कोर जांच
    — पिता‑माता का और छात्र का व्यक्तिगत क्रेडिट इतिहास देखें।
  2. गारंटर विकल्प तैयार रखें
    — माता‑पिता नहीं बन सकते तो किसी अन्य विश्वसनीय व्यक्ति को तैयार करें।
  3. सरकारी पोर्टल और स्कॉलरशिप खोजें
    — Vidya Lakshmi Portal, सरकारी और निजी स्कॉलरशिप्स में आवेदन करें।
  4. NBFC से संपर्क करें
    — उनकी ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस व شروط समझें।
  5. कॉलेज की फाइनेंसिंग विकल्प देखें
    — संस्थान में उपलब्ध किसी भी निर्देशित फाइनेंसिंग स्कीम का अध्ययन करें।

6. विकल्पों की तुलनात्मक समीक्षा

विकल्पलाभसीमाएँ
सरकारी बैंक लोनउच्च विश्वसनीयता, कम ब्याजमाता‑पिता डिफॉल्ट पर रद्द या रिजेक्शन की संभावना
NBFCगारंटर शिथिल, तेजी से प्रोसेसब्याज दर अधिक, प्रोसेसिंग फीस
स्कॉलरशिप/अनुदानशून्य ब्याज, रीपेमेंट फ्रीसीमित अवधि और मात्रा
कॉलेज फाइनेंसिंगसंस्थान की सहमति, आसान प्रक्रियाएंकम उपलब्धता, पार्टनर संस्थान पर निर्भरता
तीसरा गारंटरगरीब CIBIL वाली स्थिति में समाधानविश्वसनीय गारंटर की आवश्यकता, जोखिम विभाजन

7. Case Study: Defaulter माता‑पिता रहते छात्र को Loan मिला

एक केस में, छात्र के माता‑पिता पिछले 3 वर्षों से डिफॉल्टर थे। छात्र के पास ट्यूशन की नियमित आमदनी थी और एक भरोसेमंद चाचा सह‑आवेदक बने। उसे Avanse NBFC ने लोन दे दिया क्योंकि उनकी एलजीडी की मदद से जोखिम संतुलित हुआ।

यह उदाहरण दर्शाता है कि सही योजना और विकल्प ढूंढ़कर लोन बिताना नामुमकिन नहीं है।

8. Education Loan के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  1. पंजीकृत फॉर्म (स्कूल / कॉलेज से प्रमाणित)
  2. आईडेंटिफिकेशन: Aadhaar, PAN, पासपोर्ट इत्यादि
  3. दाखिला प्रमाण पत्र (Admission proof, Fee receipt)
  4. सह‑आवेदक/ गारंटर का PAN, Aadhaar
  5. कमाई के दस्तावेज़ (यदि छात्र की आमदनी है)
  6. गारंटर की वित्तीय तथ्य सूची (आरबीआई फॉर्म)
  7. CIBIL रिपोर्ट (बैंक मांगे तो)

9. Education Loan की सामान्य शर्तें

  • ब्याज दर: 8% से 14% (सरकारी बैंक: 8–10%, NBFC: 10–14%)
  • मोरटोरियम अवधि: कोर्स पूरा होने तक और कभी-कभी +6 से 12 माह
  • पीरियड विकल्प: कोर्स अवधि + 1–10 वर्ष रीपेमेंट
  • सिक्योरिटी: ≥ ₹7.5 लाख लोन पर गारंटर/नकद/फिक्स्ड डिपॉज़िट
  • डाउन पेमेंट: कुछ NBFC में 15–20% फीका चुकाना पड़ सकता है
  • प्रोसेसिंग फीस: 0.5% से 2% तक शुल्क

10. परिणामी निष्कर्ष

माता‑पिता के डिफॉल्टर होने के बावजूद एजुकेशन लोन मिलना संभव है—लेकिन यह तब होगा जब आपके पास:

  • खुद की आंशिक आमदनी हो
  • कोई भरोसेमंद गारंटर मौजूद हो
  • आप प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पा चुके हों
  • आपने सरकारी पोर्टल, स्कॉलरशिप/अनुदान तथा NBFC विकल्पों का अध्ययन किया हो

सही रणनीति, सही जानकारी और तैयारियों से आप बिना बाधा के उच्च शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं।

Rohit Saini

Founder & Chief Editor, BulletinBull.com With a commitment to timely and reliable journalism, Bulletin Bull has become one of India’s most trusted digital media platforms—driven by his clear vision and strong leadership.

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