आज के समय में सोशल मीडिया पर आपको ऐसी ढेरों reels और short videos मिल जाएंगी जिनमें दावा किया जाता है कि सिर्फ ₹100 रोज़ की इन्वेस्टमेंट से आप हर महीने ₹1 लाख निकाल सकते हैं। कई लोग इसे झूठा मानकर तुरंत खारिज कर देते हैं, तो कुछ लोग इसे “स्कीम” समझकर डर जाते हैं।
लेकिन असलियत क्या है? क्या वाकई इतनी छोटी-सी रकम से इतना बड़ा फंड बनाया जा सकता है? और अगर हां, तो कैसे, कब और कितने समय में?
इसी सवाल का जवाब समझाने के लिए यह विस्तृत समझाया गया लेख आपके लिए तैयार किया गया है—ताकि आपको सोशल मीडिया की अधूरी जानकारी नहीं, बल्कि सटीक और प्रोफेशनल वित्तीय जानकारी मिले।
Contents
- 1 1. शुरुआत एक रियल स्टोरी से – ₹100 रोज़ की बात कहाँ से आई?
- 2 2. इंटरनेट की 1-मिनट वाली फाइनेंस सलाह क्यों MISGUIDE करती है
- 3 3. SIP और ETFs – सामान्य भाषा में समझें
- 4 4. ₹100 Daily Investment = ₹3000 Monthly SIP
- 5 5. ₹3000 Monthly SIP से 25 साल में कितना धन बनेगा?
- 6 6. Step-Up SIP – छोटा बदलाव, दोगुना फायदा
- 7 7. क्या पैसा बीच में निकाल सकते हैं? बिल्कुल।
- 8 8. ₹1 करोड़ बनने के बाद असली खेल शुरू होता है — SWP Strategy
- 9 9. क्या ₹1 लाख Monthly Withdrawal सभी के लिए संभव है?
- 10 10. अगर आज से ₹100 नहीं, ₹200 रोज़ लगाएं?
- 11 11. कौन से ETFs या Funds बेहतर हैं? Practical Guide
- 12 12. क्या यह Guaranteed Return है?
- 13 13. यह जादू नहीं – आदत है
- 14 14. निचोड़: क्या ₹100 daily investment से ₹1 lakh monthly withdrawal संभव है?
- 15 15. अंतिम सलाह – Wealth लंबी अवधि में बनती है
1. शुरुआत एक रियल स्टोरी से – ₹100 रोज़ की बात कहाँ से आई?
लेख की मूल प्रेरणा एक बहुत सामान्य पर महत्वपूर्ण बातचीत से आती है। लेखक के पिता ने एक दिन कहा:
“बेटा, मुझसे ₹100 रोज़ ले लेना और मेरे लिए इन्वेस्टमेंट शुरू कर देना।”
जैसे आम लोग सोशल मीडिया पर देखते हैं—वैसे ही उन्होंने भी सुना था कि
“₹100 daily investment से ₹1 lakh हर महीने निकाल सकते हैं।”
यही बात बहुत से भारतीय निवेशकों के मन में घूमती रहती है —
छोटी बचत से बड़ी रकम कैसे बनेगी?
क्या यह वाकई संभव है या सिर्फ भ्रम?
2. इंटरनेट की 1-मिनट वाली फाइनेंस सलाह क्यों MISGUIDE करती है
Short videos सीखने का अच्छा तरीका हैं, लेकिन गंभीर वित्तीय प्लानिंग कभी 20–30 सेकंड में नहीं समझाई जा सकती।
लोगों को लगता है कि:
“₹100 इन्वेस्ट किया और बस—₹1 लाख आय शुरू।”
लेकिन यह पूरी तस्वीर नहीं है।
असल खेल है लॉन्ग-टर्म निवेश, कंपाउंडिंग का जादू, स्टेप-अप SIP और सही फंड चयन का।
इस लेख का उद्देश्य है:
- आपको क्लियर और प्रैक्टिकल जानकारी देना
- लंबी अवधि में कैसे पैसा बढ़ता है यह समझाना
- झूठी उम्मीदों से बचाना
- और दिखाना कि ₹100 daily investment भी किस तरह करोड़ों का फंड बना सकती है
3. SIP और ETFs – सामान्य भाषा में समझें
भारत में अधिकांश लोग SIP (Systematic Investment Plan) के बारे में जानते हैं।
हर महीने बैंक अकाउंट से ऑटो-डिडक्शन के जरिए कुछ राशि म्यूचुअल फंड या ETF में निवेश होती है और लंबी अवधि में यह धन बढ़ता जाता है।
ETF (Exchange Traded Fund) को आज भी बहुत लोग नहीं समझते, जबकि:
- यह म्यूचुअल फंड जैसा ही होता है
- मार्केट में ट्रेड होता है
- Expense Ratio कम होता है
- Exit Load नहीं होता
- और Long-Term में बेहतर रिटर्न दे सकता है
अर्थात, SIP ETF में भी कर सकते हैं और Mutual Funds में भी।
4. ₹100 Daily Investment = ₹3000 Monthly SIP
₹100 रोज़ किसी भी आम व्यक्ति के लिए संभव राशि है।
यह रकम महीने के हिसाब से ₹3000 होती है, यानी एक छोटी लेकिन स्थिर SIP।
अब सवाल यह है कि:
कौन सा फंड चुना जाए?
भारत में स्मॉल कैप फंड्स ने पिछले 10–15 वर्षों में 17% से 21% तक की औसत वार्षिक रिटर्न दी है।
(हम यहाँ कंज़र्वेटिव और सुरक्षित मानक — 15% annual return ले कर चलेंगे।)
5. ₹3000 Monthly SIP से 25 साल में कितना धन बनेगा?
यदि आप:
- ₹3000 monthly invest करते हैं
- इसे 25 साल तक जारी रखते हैं
- और औसत 15% CAGR मिलता है…
तो आपका निवेश बढ़कर लगभग ₹1 करोड़ हो जाता है।
यही वह फंड है जिससे आगे SWP (Systematic Withdrawal Plan) के जरिए हर महीने कमाई की जा सकती है।
6. Step-Up SIP – छोटा बदलाव, दोगुना फायदा
मान लीजिए हर साल आपकी आय थोड़ी बढ़ती है।
तो क्या आप अगले साल ₹100 की जगह ₹110 रोज़ इन्वेस्ट नहीं कर सकते?
यही है Step-Up SIP.
यदि आप हर साल SIP में 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो:
- 25 साल में आपका फंड सिर्फ 1 करोड़ नहीं
- लगभग 2 करोड़ तक पहुंच सकता है
यानी बिना अधिक बोझ लिए, सिर्फ बढ़ती आय के हिसाब से SIP बढ़ाने से आपका रिटायरमेंट फंड दोगुना हो सकता है।
7. क्या पैसा बीच में निकाल सकते हैं? बिल्कुल।
बहुत लोग यह गलत समझते हैं कि:
“25 साल तक पैसा बंद रहेगा।”
ऐसा नहीं है।
- Mutual Funds या ETFs में कोई लॉक-इन नहीं (ELSS छोड़कर)
- जरूरत पड़ने पर आप कभी भी पैसे निकाल सकते हैं
- T+1 दिन में पैसा बैंक खाते में वापस
इसलिए यह बैंक FD जैसी स्कीम नहीं है जहाँ 5 साल से पहले निकालने पर पेनल्टी लगती है।
8. ₹1 करोड़ बनने के बाद असली खेल शुरू होता है — SWP Strategy
मान लीजिए 25–30 साल बाद आपका फंड ₹1 करोड़ हो गया।
अब आप उसे एक बार में निकालने की जगह SWP (Systematic Withdrawal Plan) शुरू करते हैं।
अगर:
- फंड की ग्रोथ 15% चल रही है
- आप हर महीने ₹1 लाख निकालते हैं (साल के ₹12 लाख)
तो भी:
- आपका फंड ख़त्म नहीं होता
- बल्कि बढ़ता रहता है
- 25 साल में आप कुल ₹3 करोड़ निकाल लेते हैं
- और फिर भी लगभग ₹5.5 करोड़ का फंड बचा रहता है
यही ताकत है कंपाउंडिंग + SWP की।
9. क्या ₹1 लाख Monthly Withdrawal सभी के लिए संभव है?
हाँ, लेकिन कुछ शर्तों पर:
- कम से कम ₹1 करोड़ का फंड बनना चाहिए
- उसे सही तरीके से SWP में इस्तेमाल करना चाहिए
- फंड Equity-oriented और long-term होना चाहिए
- समय के साथ थोड़ासा रिटर्न वेरिएशन (12–18%) सामान्य है
अगर आप हर महीने ₹2–3 लाख निकालना चाहें, तो फंड जल्दी खत्म हो सकता है।
लेकिन लॉन्ग-टर्म SWP के लिए ₹1 करोड़ = ₹1 लाख monthly withdrawal अच्छी रणनीति है।
10. अगर आज से ₹100 नहीं, ₹200 रोज़ लगाएं?
रोज़ ₹200 यानी ₹6000 महीने की SIP।
अब फंड बढ़कर:
- लगभग ₹2 करोड़ (Normal SIP)
- या ₹3–4 करोड़ (Step-up SIP के साथ)
मतलब withdrawal capacity दोगुनी या तिगुनी हो सकती है।
11. कौन से ETFs या Funds बेहतर हैं? Practical Guide
कुछ उदाहरण:
- Nifty BeES ETF
- Bank BeES ETF
- HDFC SmallCap 250 ETF
- IT sector ETF, Pharma ETF, Infra ETF
इनकी खासियत:
- Low Expense Ratio
- Sector-wise या Index-wise diversification
- ₹10 से लेकर ₹500 तक की कीमत में उपलब्ध
Strategy:
- 3000 की SIP = 3 अलग ETFs में ₹1000-₹1000
- 10,000 की SIP = 8–10 ETFs में डिस्ट्रिब्यूट
इससे आपकी portfolio volatility कम रहती है और returns stable होते हैं।
12. क्या यह Guaranteed Return है?
नहीं।
यह market-linked है।
लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था और Equity बाजारों का पिछले 40 वर्षों का डेटा कहता है कि:
- Long-term (15–20 साल) में
- Equity हर asset class को outperform करती है
इसलिए long-term compounding strategy लगभग हमेशा सफल रही है।
13. यह जादू नहीं – आदत है
₹100 रोज़ अलग रखना मुश्किल नहीं,
लेकिन 25 साल तक discipline रखना मुश्किल है।
अगर आप:
- फंड बंद नहीं करते
- panic-selling नहीं करते
- SIP बढ़ाते रहते हैं
- Long-term विज़न रखते हैं
तो आप करोड़ों का फंड बना सकते हैं — भले आप मिडिल-क्लास हों।
14. निचोड़: क्या ₹100 daily investment से ₹1 lakh monthly withdrawal संभव है?
हाँ, बिल्कुल।
लेकिन:
- यह तुरंत नहीं होता
- यह Long-term strategy है
- इसमें discipline चाहिए
- समय के साथ SIP बढ़ानी चाहिए
- सही फंड चुनना जरूरी है
- और compounding को काम करने देना होगा
अगर आप 20–30 साल की उम्र में शुरू करते हैं, तो 45–55 की उम्र में आप करोड़ों का फंड बना सकते हैं और आगे हर महीने स्थिर आय प्राप्त कर सकते हैं।
15. अंतिम सलाह – Wealth लंबी अवधि में बनती है
अगर आपका लक्ष्य है:
- Retirement planning
- बच्चे की higher education
- शादी
- घर ख़रीदना
- या passive income बनाना
तो ₹500–₹1000 से SIP शुरू करें, धीरे-धीरे बढ़ाएं और 20–25 वर्षों तक जारी रखें।
यही वह आदत है जो आने वाले समय में आपको financial freedom दिलाती है।

















