आज के डिजिटल दौर में क्रेडिट कार्ड महज़ एक भुगतान माध्यम नहीं, बल्कि एक ज़रूरी फाइनेंशियल टूल बन चुका है। इससे न केवल आपकी खरीदारी की सुविधा बढ़ती है, बल्कि यह आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को भी मज़बूती देता है। लेकिन कई बार क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के बावजूद एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाती है, जिससे व्यक्ति को न सिर्फ झटका लगता है, बल्कि उसकी फाइनेंशियल प्लानिंग भी गड़बड़ा सकती है।
कई लोगों को लगता है कि क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन रिजेक्ट होने की मुख्य वजह सिर्फ कम सैलरी या अस्थायी नौकरी है। हालांकि, वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल होती है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि “Credit Card Rejection Ka Asli Reason Kya Hai” और आप किन उपायों से इन कारणों को दूर कर सकते हैं।
Contents
- 1 1. Low or poor credit score
- 2 2. Lack of credit history
- 3 3. High debt-to-income ratio
- 4 4. Repeated application
- 5 5. Ignoring eligibility criteria
- 6 6. Wrong information in the application
- 7 7. Selecting the wrong card according to your profile
- 8 8. Old loan or EMI default
- 9 9. Uncertain employment or income
- 10 निष्कर्ष: Credit Card Rejection से बचना है तो इन बातों का रखें ध्यान
- 11 FAQs:
- 11.1 Q1: क्या बिना Credit Score के Credit Card मिल सकता है?
- 11.2 Q2: कितनी बार एक साल में Credit Card के लिए आवेदन कर सकते हैं?
- 11.3 Q3: अगर CIBIL रिपोर्ट में कोई गलती हो तो क्या किया जा सकता है?
- 11.4 Q4: क्या सिर्फ सैलरी के आधार पर ही Credit Card मिलता है?
- 11.5 Q5: क्या जॉब फ्रेशर को भी Credit Card मिल सकता है?
1. Low or poor credit score
क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन रिजेक्ट होने का सबसे आम कारण है – आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score)। जब भी आप किसी बैंक या फाइनेंशियल संस्था में कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो वे सबसे पहले आपके सिविल या एक्सपेरियन स्कोर को जांचते हैं।
क्यों होता है रिजेक्शन?
- यदि आपका स्कोर 700 से कम है, तो बैंक इसे हाई रिस्क मानता है।
- देर से EMI या क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान करने से स्कोर प्रभावित होता है।
- बार-बार लोन या कार्ड के लिए आवेदन करने से स्कोर गिरता है।
समाधान:
- फ्री में CIBIL या Experian पर जाकर स्कोर जांचें।
- समय पर EMI और बिलों का भुगतान करें।
- अनावश्यक क्रेडिट एप्लीकेशन से बचें।
2. Lack of credit history
कई युवा या नए प्रोफेशनल सोचते हैं कि लोन न लेना उन्हें सुरक्षित बनाता है। लेकिन बैंक इस सोच को उल्टा मानते हैं। यदि आपने पहले कभी कोई लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं लिया, तो बैंक के पास आपकी भुगतान योग्यता का मूल्यांकन करने का आधार नहीं होता।
बैंक को संदेह क्यों होता है?
- नो क्रेडिट हिस्ट्री यानी नो भरोसा।
- बैंक को यह नहीं पता चल पाता कि आप समय पर पेमेंट करेंगे या नहीं।
उपाय:
- FD के बदले मिलने वाला सिक्योर क्रेडिट कार्ड लें।
- छोटे कंज्यूमर लोन जैसे मोबाइल, टीवी आदि पर लोन लेकर समय पर चुकता करें।
- रेगुलर ट्रांजैक्शन से अपनी हिस्ट्री बनाएं।
3. High debt-to-income ratio
अगर आपकी मासिक आमदनी का बड़ा हिस्सा लोन या EMI में जा रहा है, तो बैंक मानता है कि आप पहले से ही वित्तीय रूप से दबाव में हैं। आमतौर पर बैंक चाहते हैं कि आपकी कुल EMI आपकी नेट इनकम का 40% से कम हो।
रिजेक्शन का कारण:
- ज़्यादा EMI का मतलब है कम रीपेमेंट कैपेसिटी।
- आपकी वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठते हैं।
क्या करें:
- पहले पुराने लोन चुकाएं।
- इनकम का सही प्रबंधन करें।
- केवल जरूरत के अनुसार ही लोन या कार्ड लें।
4. Repeated application
अगर आप बार-बार अलग-अलग बैंकों में क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में हार्ड इन्क्वायरी के रूप में दिखता है। इससे आपका स्कोर गिरता है और आपकी प्रोफाइल कमजोर नजर आती है।
गलतियां:
- हर रिजेक्शन के बाद नया आवेदन करना।
- एक साथ कई बैंकों में एप्लीकेशन डालना।
समाधान:
- पहले अपने स्कोर और पात्रता जांचें।
- फिनटेक ऐप्स से प्री-अप्प्रूव्ड ऑफर की तलाश करें।
- एक समय में केवल एक ही बैंक में अप्लाई करें।
5. Ignoring eligibility criteria
बिना पढ़े आवेदन करना एक बड़ी गलती है। हर कार्ड के लिए अलग पात्रता होती है – आय, नौकरी की स्थिरता, उम्र आदि। यदि आपने इन मानकों को नजरअंदाज किया, तो रिजेक्शन तय है।
उदाहरण:
- ₹50,000 न्यूनतम सैलरी वाले कार्ड के लिए ₹35,000 सैलरी वाला व्यक्ति अप्लाई करे तो रिजेक्शन पक्का।
- किसी कार्ड के लिए 2 साल की नौकरी चाहिए, जबकि आपकी नई जॉब है।
उपाय:
- कार्ड की वेबसाइट पर जाकर पात्रता मानदंड पढ़ें।
- अपनी प्रोफाइल के अनुसार ही कार्ड चुनें।
- शुरुआत सिक्योर कार्ड से करें।
6. Wrong information in the application
जल्दबाजी में या लापरवाही से भरे गए फॉर्म में गलत PAN, Aadhaar, नाम या आय भरने से रिजेक्शन हो सकता है। बैंक इन दस्तावेजों को वैरिफाई करता है, और ज़रा सी गड़बड़ी भी एप्लीकेशन रद्द करने का कारण बन सकती है।
मुख्य कारण:
- नाम, जन्मतिथि, ID नंबर आदि में अंतर।
- सैलरी स्लिप और आवेदन की जानकारी में मेल न होना।
समाधान:
- एप्लीकेशन फॉर्म ध्यान से भरें।
- सबमिट करने से पहले फॉर्म की रिव्यू करें।
- सही और स्पष्ट दस्तावेज़ अपलोड करें।
7. Selecting the wrong card according to your profile
हर व्यक्ति के लिए हर कार्ड नहीं होता। कुछ कार्ड हाई-नेटवर्थ या फ्रीक्वेंट ट्रैवेलर्स के लिए होते हैं। यदि आप ऐसी कैटेगरी में नहीं आते, और फिर भी हाई-एंड कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो रिजेक्शन हो सकता है।
कैसे पहचानें:
- आपकी आय कम है लेकिन आपने प्रीमियम कार्ड के लिए आवेदन किया।
- कार्ड की ज़रूरत और उपयोगिता का तालमेल नहीं बैठता।
उपाय:
- शुरुआत बेसिक कार्ड से करें।
- जरूरत और उपयोग के अनुसार कार्ड चुनें।
- बाद में अपग्रेड करें, जब इनकम और स्कोर दोनों बेहतर हों।
8. Old loan or EMI default
यदि आपने किसी पुराने लोन को समय पर नहीं चुकाया या NPA घोषित हुआ, तो बैंक आपके प्रोफाइल पर “डिफॉल्टर” टैग लगा देते हैं। इससे अगली बार कोई भी बैंक क्रेडिट देने से हिचकता है।
समस्या:
- Credit Report में बकाया लोन या डिफॉल्ट की एंट्री।
- बैंक को भरोसा नहीं होता कि आप भुगतान करेंगे।
समाधान:
- पुराने बकाया को निपटाएं।
- भुगतान के बाद NOC प्राप्त करें।
- CIBIL रिपोर्ट में गलत जानकारी हो तो उसे सही करवाएं।
9. Uncertain employment or income
अगर आप हर कुछ महीनों में नौकरी बदलते हैं या आपकी इनकम फ्लक्चुएट करती है, तो बैंक इसे जोखिम के रूप में देखता है। खासतौर पर Self-employed प्रोफेशनल्स के लिए, जिनकी ITR या इनकम स्टेटमेंट स्थिर नहीं होती।
जोखिम:
- फ्रीलांसर या पार्ट-टाइम वर्कर होना।
- नई नौकरी या ट्रायल पीरियड में होना।
समाधान:
- कम से कम 1 साल की नौकरी के बाद आवेदन करें।
- ITR और बैंक स्टेटमेंट तैयार रखें।
- आय के साक्ष्य मजबूत रखें।
निष्कर्ष: Credit Card Rejection से बचना है तो इन बातों का रखें ध्यान
अब जब आपको पता चल गया है कि “Credit Card Rejection Ka Asli Reason Kya Hai“, तो अगली बार आवेदन करते समय इन सभी बिंदुओं को ज़रूर ध्यान में रखें:
- CIBIL स्कोर को नियमित जांचें और सुधारें।
- क्रेडिट हिस्ट्री बनाएं और बनाए रखें।
- Eligibility पढ़कर ही अप्लाई करें।
- फॉर्म भरते समय पूरी सतर्कता बरतें।
- प्रोफाइल के अनुसार सही कार्ड का चयन करें।
- पुराना कर्ज और EMI निपटाकर ही नया क्रेडिट लेने का प्रयास करें।
अगर आपने यह सारे कदम उठाए, तो यकीन मानिए – अगली बार क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन रिजेक्ट नहीं होगी, बल्कि तुरंत अप्रूव हो सकती है।
FAQs:
Q1: क्या बिना Credit Score के Credit Card मिल सकता है?
हां, आप सिक्योर Credit Card जैसे FD-backed Card से शुरुआत कर सकते हैं, जिससे धीरे-धीरे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनती है।
Q2: कितनी बार एक साल में Credit Card के लिए आवेदन कर सकते हैं?
बेहतर यही है कि आप एक साल में 2-3 बार से ज्यादा आवेदन न करें और हर एप्लीकेशन के बीच कम से कम 6 महीने का अंतर रखें।
Q3: अगर CIBIL रिपोर्ट में कोई गलती हो तो क्या किया जा सकता है?
आप संबंधित क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL/Experian) की वेबसाइट पर जाकर रिपोर्ट में सुधार के लिए रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं।
Q4: क्या सिर्फ सैलरी के आधार पर ही Credit Card मिलता है?
नहीं, बैंक आपकी सैलरी के साथ-साथ Credit Score नौकरी की स्थिरता और पुराने लोन की स्थिति भी देखते हैं।
Q5: क्या जॉब फ्रेशर को भी Credit Card मिल सकता है?
यदि आपकी कंपनी प्रतिष्ठित है और आपकी सैलरी पात्रता के अनुरूप है, तो आपको एंट्री-लेवल क्रेडिट कार्ड मिल सकता है।
इस विस्तृत मार्गदर्शिका में बताई गई जानकारी आपको क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन रिजेक्शन से बचने में मदद करेगी। यदि आप उपरोक्त सुझावों का पालन करते हैं, तो भविष्य में आपको न केवल कार्ड मिलेगा, बल्कि आपके वित्तीय जीवन में स्थिरता और सुधार भी आएगा।















