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SIP in Gold Vs SIP in Nifty: Investment पर असली Return

On: 31 October, 2025
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SIP in Gold Vs SIP in Nifty
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भारत में निवेश की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों की सोच और प्राथमिकताएं तेजी से बदली हैं। आज का निवेशक केवल फिक्स्ड डिपॉजिट या रियल एस्टेट तक सीमित नहीं रह गया है। डिजिटल इंडिया और फाइनेंशियल लिटरेसी के प्रसार के साथ, SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान एक लोकप्रिय और व्यवस्थित निवेश साधन बनकर उभरा है।

अब SIP की दुनिया सिर्फ म्यूचुअल फंड्स या इक्विटी तक सीमित नहीं रही, बल्कि गोल्ड जैसे पारंपरिक एसेट में भी SIP किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है – SIP in Gold Vs SIP in Nifty: इन दोनों में से किसमें निवेश करना ज्यादा समझदारी होगी? रिटर्न किसमें बेहतर हैं? जोखिम कहां ज्यादा है? और किसे चुनना चाहिए?

आइए इस विषय पर एक गहराई से विश्लेषण करते हैं।

Contents

Gold and Nifty

सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि गोल्ड और निफ्टी दो बिल्कुल भिन्न एसेट क्लास हैं और इनकी प्रकृति भी अलग है।

Gold: परंपरा, सुरक्षा और भावना

गोल्ड एक कमोडिटी है जिसे भारत में सदियों से सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश के रूप में देखा जाता है। शादी, त्योहार, उपहार या विरासत – गोल्ड हर मौके पर खास महत्व रखता है। आर्थिक अनिश्चितता या शेयर बाजार में गिरावट के दौरान गोल्ड को “Safe Haven” के तौर पर देखा जाता है।

Nifty: Growth, Risk and Equity Markets

निफ्टी 50 भारत की शीर्ष 50 कंपनियों का स्टॉक इंडेक्स है। इसमें निवेश का अर्थ है – देश की प्रमुख कंपनियों की ग्रोथ में हिस्सेदार बनना। यह इक्विटी मार्केट का प्रतिबिंब है और लंबी अवधि में धन सृजन (Wealth Creation) का सबसे प्रभावशाली माध्यम भी।

SIP in Gold: स्थिरता और बचाव

गोल्ड में SIP करने के लिए आज कई माध्यम उपलब्ध हैं जैसे:

  • गोल्ड ETF (Exchange Traded Funds)
  • गोल्ड म्यूचुअल फंड्स
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGB)

इन विकल्पों के जरिए निवेशक शुद्धता, सुरक्षा और डिजिटल फॉर्मेट में गोल्ड में निवेश कर सकते हैं, बिना फिजिकल गोल्ड की सुरक्षा और मेकिंग चार्ज की चिंता के।

Gold SIP के प्रमुख लाभ

  • महंगाई से बचाव (Inflation Hedge): जब महंगाई बढ़ती है, तब गोल्ड की कीमतों में भी इज़ाफा होता है।
  • जोखिम में संतुलन: शेयर बाजार में गिरावट के समय गोल्ड अच्छा प्रदर्शन करता है।
  • छोटे निवेश से शुरुआत: ₹100 या ₹500 से भी SIP शुरू की जा सकती है।
  • लंबी अवधि में एवरेज रिटर्न: नियमित निवेश के जरिए औसत लागत कम होती है।

SIP in Nifty: जोखिम के साथ जबरदस्त रिटर्न

निफ्टी SIP यानी भारत की शीर्ष कंपनियों में महीने दर महीने निवेश। यह विकल्प उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो बाजार में उतार-चढ़ाव सह सकते हैं और उच्च रिटर्न की चाह रखते हैं।

Nifty SIP के प्रमुख लाभ

  • लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि: कंपनियों की आय बढ़ने के साथ निवेश की वैल्यू भी बढ़ती है।
  • डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो: निफ्टी 50 में कई सेक्टर की टॉप कंपनियां शामिल होती हैं।
  • कंपाउंडिंग का प्रभाव: नियमित निवेश से पूंजी पर चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है।
  • उच्च लिक्विडिटी: ETF या इंडेक्स फंड्स के माध्यम से कभी भी निवेश निकाला जा सकता है।

Comparison of Returns: पिछले 5, 10 और 15 वर्षों का डाटा

समयावधिगोल्ड CAGR (%)निफ्टी CAGR (%)
5 वर्ष18.73%15.52%
10 वर्ष13.14%11.71%
15 वर्ष12.05%11.17%
2006 से अब तक13.99%12.15%

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि आम धारणा के विपरीत, गोल्ड ने भी इक्विटी के मुकाबले दमदार रिटर्न दिए हैं, खासकर जब बात लंबी अवधि की हो।

SIP ₹15,000 प्रति माह: Gold और Nifty में क्या फर्क पड़ा?

अगर आप जनवरी 2006 से हर महीने ₹15,000 निवेश कर रहे होते तो:

  • गोल्ड में निवेश: कुल निवेश ₹36 लाख होता, जिसकी वैल्यू आज ₹1.8 करोड़ से अधिक होती।
  • निफ्टी में निवेश: वही ₹36 लाख आज ₹1.4 करोड़ के आस-पास होता।

यानी गोल्ड ने न सिर्फ कम जोखिम के साथ, बल्कि अधिक रिटर्न के साथ निफ्टी को पछाड़ दिया।

भारतीयों में गोल्ड के प्रति आकर्षण क्यों?

भारत में गोल्ड को सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि भावना, परंपरा और सामाजिक स्थिति से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि जब भी कीमतें बढ़ती हैं, लोग गोल्ड बेचने की बजाय और खरीदने की सोचते हैं।

दो महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक फैक्टर

  • FOMO (Fear of Missing Out): कीमतें चढ़ती देख निवेशक यह सोचते हैं कि अभी नहीं खरीदा तो मौका चूक जाएगा।
  • FOBI (Fear of Being Invested): निवेश करने के बाद गिरावट का डर।

कौन बढ़ा रहा है Gold की मांग?

  1. भारतीय परिवारों की होल्डिंग: भारत में घरों में रखा गया गोल्ड ₹8.24 लाख करोड़ से अधिक का है।
  2. सेंट्रल बैंक खरीद: भारत, चीन, पोलैंड जैसे देशों के सेंट्रल बैंकों ने पिछले तीन वर्षों में 1000 टन से ज्यादा गोल्ड खरीदा है।

ये फैक्टर्स न केवल गोल्ड की कीमत को स्थिर रखते हैं, बल्कि दीर्घकालिक मांग को भी मजबूत बनाते हैं।

सबसे सस्ता Gold ETF कौन सा है?

यदि आप फिजिकल गोल्ड के बजाय ETF के जरिए SIP करना चाहते हैं, तो ये कुछ बेहतरीन विकल्प हैं:

  • Nippon India Gold ETF
  • ICICI Prudential Gold ETF
  • HDFC Gold ETF
  • SBI Gold ETF

इनमें से सबसे कम एक्सपेंस रेशियो और ट्रैकिंग एरर वाला फंड चुनना अधिक लाभकारी रहेगा।

Gold SIP Vs Nifty SIP

पैरामीटरगोल्ड SIPनिफ्टी SIP
जोखिम स्तरकममध्यम से अधिक
औसत रिटर्न (15 वर्ष)12.05% CAGR11.17% CAGR
लिक्विडिटीमध्यम (ETF/Fund)उच्च (ETF/Fund)
भावनात्मक जुड़ावअत्यधिक (संस्कृति से)न्यूनतम
टैक्स लाभSGB में टैक्स फ्रीLTCG लागू
वोलैटिलिटी पर असरकमअधिक

कौन-सा विकल्प चुनें?

1. यदि आप जोखिम से बचना चाहते हैं:

गोल्ड SIP आपके लिए उपयुक्त विकल्प है। यह स्थिरता और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है।

2. यदि आप उच्च रिटर्न चाहते हैं:

निफ्टी SIP लंबी अवधि में अधिक मुनाफा देता है, बशर्ते आप बाजार की अस्थिरता सहने को तैयार हों।

3. यदि आप बैलेंस्ड निवेश चाहते हैं:

50:50 रणनीति अपनाएं – गोल्ड और निफ्टी दोनों में नियमित SIP करें।

विशेषज्ञों की सलाह: डाइवर्सिफिकेशन है सबसे बड़ी कुंजी

फाइनेंशियल प्लानिंग में विविधता (Diversification) सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। किसी एक एसेट क्लास पर पूरी निर्भरता सही रणनीति नहीं मानी जाती।

एक सटीक उदाहरण:

  • गोल्ड संकट के समय रक्षा करता है।
  • निफ्टी विकास के समय संपत्ति बढ़ाता है।

इसलिए दोनों का मिश्रण एक बैलेंस्ड पोर्टफोलियो बनाता है।

निष्कर्ष: SIP in Gold Vs SIP in Nifty – आपकी निवेश यात्रा का अगला कदम

इस विस्तृत विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि गोल्ड और निफ्टी दोनों ही निवेश के मजबूत माध्यम हैं, लेकिन उनके गुण, जोखिम और रिटर्न की प्रकृति अलग है।

  • अगर आप स्थिरता और परंपरा में भरोसा रखते हैं, तो गोल्ड को प्राथमिकता दें।
  • अगर आप ग्रोथ और हाई रिटर्न चाहते हैं, तो निफ्टी बेहतर विकल्प है।
  • लेकिन अगर आप समझदारी से निवेश करना चाहते हैं, तो दोनों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करें।

निवेश कोई जादू नहीं, बल्कि एक विज्ञान और अनुशासन है। SIP के जरिए आप धीरे-धीरे लेकिन प्रभावशाली रूप से अपनी आर्थिक स्वतंत्रता की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

Rohit Saini

Founder & Chief Editor, BulletinBull.com With a commitment to timely and reliable journalism, Bulletin Bull has become one of India’s most trusted digital media platforms—driven by his clear vision and strong leadership.

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