---Advertisement---

Travel या luxury items के लिए Personal Loan लेने से पहले जानें ये जरूरी बातें

On: 7 November, 2025
Follow Us:
Personal Loan
---Advertisement---

आज के डिजिटल युग में जब हर चीज ऑनलाइन और कुछ क्लिक में उपलब्ध है, पर्सनल लोन लेना भी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। चाहे मोबाइल ऐप हो, बैंक की वेबसाइट हो या फिनटेक प्लेटफॉर्म्स—लोग अब कुछ ही मिनटों में लोन की राशि अपने खाते में पा सकते हैं। लेकिन क्या यह सुविधा इतनी सहज है कि आप इसे किसी भी खर्च के लिए इस्तेमाल कर लें?

यदि आप छुट्टियों पर जाने, महंगे गैजेट्स, फर्नीचर, घड़ी या किसी लक्जरी आइटम की खरीदारी के लिए पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो इस लेख को ध्यान से पढ़िए। यहां हम इस विषय की पूरी पड़ताल करेंगे—पर्सनल लोन की प्रकृति, फायदे-नुकसान, इसके उपयोग के उपयुक्त मौके और साथ ही यह जानेंगे कि ट्रैवल या लक्जरी खर्चों के लिए लोन लेना सही कदम है या नहीं।

Contents

Personal Loan

पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, यानी इसके लिए आपको कोई जमानत या संपत्ति गिरवी नहीं रखनी होती। इसे बैंक या फाइनेंशियल कंपनियां आपकी क्रेडिट हिस्ट्री, आय, मौजूदा कर्ज और चुकाने की क्षमता के आधार पर देती हैं।

प्रमुख विशेषताएं:

  • लोन लेने की प्रक्रिया तेज और सरल
  • कोई सिक्योरिटी या गारंटी की आवश्यकता नहीं
  • उपयोग के लिए कोई विशेष प्रतिबंध नहीं
  • फिक्स्ड टेन्योर और EMI पर आधारित चुकौती

किन स्थितियों में personal loan लेना उपयुक्त होता है?

  • मेडिकल इमरजेंसी
  • शिक्षा से जुड़े खर्च
  • व्यवसाय शुरू करना या विस्तार करना
  • विवाह या अन्य सामाजिक आयोजन
  • घर की मरम्मत या नवीनीकरण

अब सवाल यह है कि क्या पर्सनल लोन का उपयोग ट्रैवल या महंगे गैजेट्स के लिए किया जाना चाहिए?

ट्रैवल या लक्जरी खर्चों के लिए personal loan क्यों हो सकता है नुकसानदायक?

1. ब्याज दरों का भारी बोझ

पर्सनल लोन की ब्याज दरें अन्य लोन की तुलना में काफी अधिक होती हैं—आमतौर पर 11% से 24% वार्षिक। इसका मतलब है कि ₹1 लाख का लोन लेने पर आपको 3 से 5 साल में ₹1.3 से ₹1.6 लाख तक चुकाने पड़ सकते हैं।

अब सोचिए, यदि आपने केवल छुट्टी पर जाने या कोई गैजेट खरीदने के लिए इतना भारी ब्याज चुकाया, तो क्या यह निर्णय आर्थिक रूप से समझदारी भरा है?

2. खर्च करने की आदत बन सकती है

पर्सनल लोन को बार-बार छोटी इच्छाओं के लिए लेना एक आदत बन सकती है। शुरुआत ट्रैवल से होती है, फिर अगली बार फोन, फिर फर्नीचर और धीरे-धीरे यह कर्ज़ का चक्र बन जाता है।

इससे आर्थिक अनुशासन भंग होता है और आप फाइनेंशियल स्टेबिलिटी से दूर होते जाते हैं।

3. बचत में होती है कटौती

हर महीने EMI चुकाने से आपकी मासिक आय का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है। यही पैसा अगर आप सेविंग्स या निवेश में लगाते, तो वह भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकता था।

4. भविष्य की लोन पात्रता पर असर

हर पर्सनल लोन आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर असर डालता है। जब आप जरूरत से ज्यादा EMI चुका रहे होते हैं, तो अगली बार किसी गंभीर परिस्थिति (जैसे मेडिकल इमरजेंसी या घर खरीदने) में लोन लेना मुश्किल हो सकता है।

बैंक यह देखता है कि आपकी EMI आपकी आय का कितना प्रतिशत खा रही है। यदि यह आंकड़ा 40-50% से अधिक हो जाए, तो नया लोन लेना मुश्किल हो जाता है।

Loan लेने से पहले खुद से पूछें ये 5 जरूरी सवाल

1. क्या यह खर्च टाला जा सकता है?

अगर आप 6-8 महीने तक थोड़ा-थोड़ा बचत करके उसी वस्तु या यात्रा को बिना लोन के पूरा कर सकते हैं, तो क्या उधारी लेना जरूरी है?

2. क्या कोई और विकल्प है?

क्रेडिट कार्ड की नो-कॉस्ट EMI, सेविंग अकाउंट से निकासी, फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ना, या दोस्तों/परिवार से अस्थायी सहायता जैसे विकल्प बेहतर हो सकते हैं।

3. क्या आपकी इनकम स्थिर है?

अगर आप फ्रीलांसर हैं या किसी अस्थायी जॉब में हैं, तो EMI का दबाव भविष्य में परेशानी खड़ी कर सकता है।

4. क्या आपके पास emergency fund है?

अगर नहीं है, तो पहले उसे बनाना चाहिए। ट्रैवल या लक्जरी खरीदारी बाद में भी की जा सकती है।

5. क्या आप पहले से किसी लोन का भुगतान कर रहे हैं?

यदि हां, तो एक और लोन लेना आपके फाइनेंशियल हेल्थ को कमजोर कर सकता है।

ट्रैवल या महंगे आइटम्स के लिए पर्सनल लोन के विकल्प

1. बजट बनाएं और सेविंग्स शुरू करें

यदि किसी विशेष चीज की जरूरत या इच्छा है, तो एक सिस्टमैटिक सेविंग प्लान बनाएं। हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाएं और कुछ ही समय में वह आइटम खरीद लें।

2. SIP या शॉर्ट टर्म म्यूचुअल फंड में निवेश करें

6 से 12 महीने की योजना के लिए आप SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) या शॉर्ट टर्म डेब्ट फंड में निवेश कर सकते हैं।

3. नो-कॉस्ट EMI का विकल्प अपनाएं

कई ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म महंगे प्रोडक्ट्स पर नो-कॉस्ट EMI की सुविधा देते हैं। इससे ब्याज नहीं देना पड़ता और मासिक बजट भी बिगड़ता नहीं।

4. Credit Card ऑफर्स का समझदारी से उपयोग करें

फेस्टिव सीजन या विशेष ऑफर्स में कुछ क्रेडिट कार्ड कम ब्याज दर पर EMI की सुविधा देते हैं। शर्त यह है कि समय पर भुगतान करना जरूरी है।

अगर Personal Loan लेना ही है, तो इन बातों का रखें ध्यान

1. ब्याज दरों की तुलना करें

अलग-अलग बैंक और NBFC पर्सनल लोन पर अलग ब्याज दर लगाते हैं। कम से कम 3-4 विकल्पों की तुलना जरूर करें।

2. processing fee और अन्य शुल्क जानें

केवल EMI नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, GST, फोरक्लोजर चार्ज आदि का भी मूल्यांकन करें।

3. EMI आपकी आय के 30% से ज्यादा न हो

यह एक सुरक्षित फॉर्मूला है, जिससे आपकी बचत और अन्य जरूरी खर्च प्रभावित नहीं होते।

4. Credit score मजबूत बनाएं

यदि आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे अधिक है, तो आपको बेहतर शर्तों पर लोन मिल सकता है।

5. Loan की अवधि सोच-समझकर तय करें

अधिक अवधि लेने से EMI कम होगी, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ेगा। कम अवधि चुनें तो ब्याज बच सकता है।

निष्कर्ष

साफ जवाब है—नहीं। पर्सनल लोन एक ऐसा वित्तीय उपकरण है जिसे केवल आपात स्थिति या जरूरी आवश्यकताओं के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। केवल ट्रैवल करने या कोई महंगा सामान खरीदने की इच्छा के लिए लोन लेना आपको आर्थिक रूप से अस्थिर बना सकता है।

आपकी फाइनेंशियल आज़ादी इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितना सोच-समझकर खर्च करते हैं, बचत करते हैं और निवेश करते हैं।

यदि आप पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि वह खर्च वाकई जरूरी है और उसका वैकल्पिक समाधान नहीं है। ट्रैवल और शौक पूरे करने के लिए थोड़ी प्रतीक्षा और योजना बेहतर होती है, बजाय जल्दबाज़ी में कर्ज लेने के।

Rohit Saini

Founder & Chief Editor, BulletinBull.com With a commitment to timely and reliable journalism, Bulletin Bull has become one of India’s most trusted digital media platforms—driven by his clear vision and strong leadership.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now