आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से ही लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के बीच एक ही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है — क्या इस बार एरियर मिलेगा या नहीं?
सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई साफ घोषणा नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
हर वेतन आयोग में एरियर मिलने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार सरकार की चुप्पी कई तरह के संकेत दे रही है। संसद में दिए गए जवाबों और हालिया बयानों से भी यह साफ होता है कि एरियर को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
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संसद में क्या कहा गया, क्या नहीं कहा गया
संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आठवें वेतन आयोग का गठन कर दिया गया है, लेकिन इसे लागू करने की तारीख सरकार बाद में तय करेगी।
सरकार ने यह जरूर कहा है कि स्वीकृत सिफारिशों को लागू करने के लिए फंड की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन एरियर कब से मिलेगा या मिलेगा भी या नहीं, इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया गया।
यही वजह है कि 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने को लेकर फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है।
150%–200% सैलरी बढ़ोतरी की खबरें कितनी सही?
वेतन आयोग आते ही सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट्स पर “150% सैलरी बढ़ोतरी” या “200% इजाफा” जैसी सुर्खियां दिखने लगती हैं।
लेकिन हकीकत यह है कि ऐसी खबरें भ्रामक होती हैं।
पिछले वेतन आयोग में भी वास्तविक वेतन वृद्धि लगभग 20% के आसपास रही थी। डीए को बेसिक में मर्ज करने के बाद फिटमेंट फैक्टर लगाया जाता है, जिससे नई बेसिक सैलरी तय होती है। इसे 150% या 200% बढ़ोतरी बताना सही नहीं माना जाता।
डीए और फिटमेंट फैक्टर पर क्या है मौजूदा स्थिति
सातवें वेतन आयोग के तहत जुलाई 2025 तक महंगाई भत्ता (DA) करीब 58% तक पहुंच चुका है। कोविड काल में डीए फ्रीज़ रहने के कारण यह आंकड़ा पिछली बार के मुकाबले कम है।
विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, अगर आठवें वेतन आयोग में लगभग 20% वेतन वृद्धि दी जाती है, तो संभावित फिटमेंट फैक्टर करीब 1.8 के आसपास रह सकता है।
हालांकि कर्मचारी संगठनों की मांग 2.57 या उससे अधिक की है, लेकिन मौजूदा आर्थिक हालात में इसे आसान नहीं माना जा रहा।
अगर एरियर नहीं मिला तो कितना नुकसान?
नवंबर 2025 से लागू मानी जा रही अवधि के लिए अगर एरियर का भुगतान नहीं किया गया, तो कर्मचारियों को सीधा आर्थिक नुकसान होगा।
अनुमान के अनुसार:
- ₹2,000 की मासिक बढ़ोतरी पर लगभग ₹36,000 का नुकसान
- ₹5,000 की मासिक बढ़ोतरी पर लगभग ₹90,000 का नुकसान
- ₹10,000 की मासिक बढ़ोतरी पर लगभग ₹1.8 लाख का नुकसान
यही वजह है कि एरियर का मुद्दा सबसे ज्यादा संवेदनशील बना हुआ है।
तीन बड़े सवाल, जिनका जवाब अब भी बाकी
आठवें वेतन आयोग को लेकर फिलहाल तीन अहम मुद्दों पर स्थिति साफ नहीं है:
- एरियर मिलेगा या नहीं मिलेगा
- डीए कब नए वेतन ढांचे में मर्ज होगा
- जनवरी 2026 में नया डीए बढ़ेगा या फ्रीज़ किया जाएगा
इन सवालों के जवाब सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेंगे।
सरकारी कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल कर्मचारियों को अफवाहों से बचने और सिर्फ सरकारी नोटिफिकेशन व संसद में दिए गए बयानों पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।
एरियर, डीए मर्ज और लागू करने की तारीख से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला आने वाले महीनों में लिया जा सकता है।
निष्कर्ष
आठवां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों के लिए उम्मीद जरूर लेकर आया है, लेकिन एरियर और वेतन बढ़ोतरी को लेकर स्पष्टता की कमी चिंता का कारण बनी हुई है।
सरकार से अपेक्षा है कि वह जल्द ही इन मुद्दों पर स्थिति साफ करे, ताकि कर्मचारियों की अनिश्चितता खत्म हो सके।












